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भारत में वैक्सीन के एडवांस ट्रायल को मंजूरी दी, अब दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल शुरू कर सकेगा सीरम इंस्टीट्यूट

देश में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन तैयार करने और ट्रायल करने वाले सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को इसके एडवांस ट्रायल की मंजूरी मिल गई है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की तरफ से अनुमति मिलने के बाद अब सीरम इंस्टीट्यूट देश में दूसरे और तीसरे चरण का वैक्सीन ट्रायल शुरू कर सकता है।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका कंपनी भारत के सीरम इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर वैक्सीन को तैयार कर रही है। भारत में यह वैक्सीन कोविशील्ड (AZD1222) के नाम से लॉन्च होगी। इस वैक्सीन की सप्लाई भारत समेत 60 दूसरे देशों में होगी। कंपनी द्वारा बनाई जाने वाली वैक्सीन 50 फीसदी भारत के लिए होगी।

भारत में 1600 वॉलंटियर्स होंगे
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीरम इंस्टीट्यूट का ट्रायल देश में 18 जगहों पर होगा। इसमें 1600 वॉलंटियर्स शामिल होंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, ड्रग कंट्रोलर की इस अनुमति के बाद वैक्सीन तैयार करने का काम तेजी से हो सकेगा।

यह बड़े स्तर पर होगा ट्रायल
नेशनल बायोफार्मा मिशन एंड ग्रैंड चैलेंज इंडिया प्रोग्राम के तहत सरकार और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के बीच एक करार हुआ है। इस प्रोग्राम के तहत ही वैक्सीन का बड़े स्तर पर ट्रायल के लिए कई इंस्टीट्यूट का चुनाव किया गया है। इनमें हरियाणा के पलवल का INCLEN ट्रस्ट इंटरनेशनल, पुणे का KEM हॉस्पिटल, हैदराबाद का सोसायटी फॉर हेल्थ एलायड रिसर्च एंड एजुकेशन, चेन्नई का नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी और वेल्लोर का क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।

इसके अलावा एम्स दिल्ली-जोधपुर, पुणे का बी.जे. मेडिकल कॉलेज, जहांगीर हॉस्पिटल और भारती हॉस्पिटल, पटना का राजेंद्र मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, मैसूर का जेएसएस एकेडमी और हायर एजुकेशन एंड रिसर्च, गोरखपुर का नेहरू हॉस्पिटल, विशाखापट्‌टनम का आंध्र मेडिकल कॉलेज और चंडीगढ़ का पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च को भी शामिल किया जा सकता है।

ब्रिटेन, अफ्रीका और ब्राजील में ट्रायल
फिलहाल इस वैक्सीन का ट्रायल ब्रिटेन, साउथ अफ्रीका और ब्राजील में शुरू होगा गया है। देश में इसका ट्रायल मुम्बई और पुणे में अगस्त के अंत कर शुरू होगा। भारत में यह वैक्सीन कोविशील्ड के नाम से लॉन्च होगी। कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला का कहना है कि अगर ट्रायल सफल होता है तो 2021 की पहली तिमाही तक वैक्सीन के 30 से 40 करोड़ डोज तैयार किए जा सकेंगे। वैक्सीन इस साल के अंत तक आ सकती है।

अब तक वैक्सीन सुरक्षित साबित हुई

मेडिकल जर्नल द लैंसेट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और असरदार है। इस जानकारी के बाद ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन फ्रंट रनर वैक्सीन की लिस्ट में आगे आ गई है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से किए गए ट्वीट में भी कहा गया है कि AZD1222 नाम की इस वैक्सीन को लगाने से अच्छा इम्यून रिस्पांस मिला है। वैक्सीन ट्रायल में लगी टीम और ऑक्सफोर्ड के निगरानी समूह को इस वैक्सीन में सुरक्षा को लेकर कोई चिंता वाली बात नजर नहीं आई और इससे ताकतवर रिस्पांस पैदा हुआ है।



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