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संक्रमण का खतरा तब तक नहीं है, जब तक आपके कान में बीमारी नहीं है: एक्सपर्ट

क्या कोरोनावायरस की संक्रमण क्षमता में बदलाव आया है, क्या यह कान के जरिए भी संक्रमित कर सकता है, क्या साल के अंत तक वैक्सीन तैयार हो जाएगी... ऐसे कई सवालों के जवाब राम मनोहर लोहिया अस्पताल, नई दिल्ली के सीनियर चेस्ट फिजिशियन डॉ. देश दीपक ने आकाशवाणी को दिए। जानिए, कोरोना से जुड़े सवाल और एक्सपर्ट के जवाब...

#1) क्या कान से भी वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है?
जी नहीं, यह वायरस केवल नाम, आंख और मुंह से ही शरीर में प्रवेश कर सकता है। कान से इस वायरस के संक्रमण का खतरा तब तक नहीं है, जब तक आपके कान में बीमारी नहीं है।

#2) कोरोना के मरीजों को क्या दो दवाइयों की अनुमति मिलने जा रही है?
जी हां, यह देश के लिए अच्छी खबर है। दो दवाइओं को डीसीजीआई की तरफ से अनुमति मिलने जा रही है। इसमें से एक माइल्ड लक्षण वाले मरीजों के लिए होगी। यह टैबलेट के रूप में दी जाएगी। दूसरी दवा, गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए होगी, जो इंजेक्शन के रूप में दी जाएगी।

#3) क्या वायरस की क्षमता में परिवर्तन हुआ है, जिससे संक्रमण का असर कम हो रहा है?
वायरस में कोई बदलाव आया है या नहीं या इसके असर में कोई परिवर्तन हुआ हे, इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं। वायरस का संक्रमण भी हमारे देश में बढ़ गया है लेकिन हां, 80 फीसदी लोगों को इलाज की जरूरत नहीं पड़ती, वो अपने आप ठीक हो जाते हैं। जो बचे हुए लोग हैं उनकी अस्पताल में निगरानी की जाती है और वो ठीक भी हो जाते हैं। महामारी की शुरुआत से ही देखा गया है कि जिन्हें पहले से कोई बीमारी है या बुजुर्ग हैं, वो ज्यादा गंभीर रूप से बीमार पड़ रहे हैं।

#4) लोगों में बहुत नकारात्मक सोच विकसित हो रही है, उसे कैसे कम करें?
इस बीमारी को लेकर नकारात्मक न हों क्योंकि यह एचआईवी जैसी बीमारी नहीं है, जो एक बार हुई तो इंसान ठीक नहीं होगा। यह 10 से 14 दिन का समय लेती है और मरीज अपने आप ठीक हो जाता है। देश में कोरोना से मृत्यु दर काफी कम है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। अगर घर में कोई कोरोना पॉजिटिव हो जाए, तो संयम से काम लें। सभी लोग अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने पर ध्यान दें।

#5) पीपीई किट और मास्क उतारते वक्त किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
जो लोग कोविड अस्पताल में काम करते हैं या संक्रमितों को लेने क्षेत्रों में जाते हैं, उन्हें पूरी ट्रेनिंग दी जाती है कि संक्रमित एरिया में कैसे काम करना है। पीपीई किट उतारते समय काफी ध्यान रखना होता है। बेहतर होगा कि इसे तब उतारे जब कोई सामने हो और यह देखे कि आपने प्रक्रिया फॉलो की या नहीं।

#6) क्या इस साल के अंत तक वैक्सीन आ जाएगी?
वैक्सीन के निर्माण को फास्ट ट्रैक किया जा रहा है। जो प्रोसेस आमतौर पर दो साल लेता है, उसे एक दो महीनों में पूरा करके वैक्सीन पर काम चल रहा है। कुछ पहले से मौजूद वैक्सीन को मॉडिफाई किया जा रहा है। जितने भी तरीके हैं, उन सबको अपनाया जा रहा है। उम्मीद है साल के अंत तक वैक्सीन आ जाएगी।



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