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मास्क हटाकर तम्बाकू थूकने वालों को सावधानी बरतने की जरूरत, ऐसा करके वे आसपास संक्रमण फैला रहे है : एक्सपर्ट

लॉकडाउन के बीच ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं कि लोग तम्बाकू खा रहे हैं और मास्क हटाकर थूक रहे हैं। एम्स दिल्ली के विशेषज्ञ डॉ.नंद कुमार के मुताबिक, जो लोग ऐसा कर रहे हैं वो अपने साथ-साथ परिवार और मित्रों और आसपास रहने वाले लोगों को खतरे में डाल रहे हैं। अगर आप के अंदर लक्षण नहीं दिख रहे और आप संक्रमित हैं तो आप लोगों को संक्रमित करने का काम कर रहे हैं। ऐसा न करें, यह बेहद खतरनाक है। मास्क को बार-बार छूने से भी आप खुद भी संक्रमित हो सकते हैं। कोरोना से जुड़े कई सवालों के जवाब विशेषज्ञ डॉ नंद कुमार ने आकाशवाणी को दिए हैं। जानिए इनके बारे में...


#1) क्या गांव में बगीचे में घूमने जा सकते हैं?
अगर सरकारी गाइडलाइन को देखें तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है। अकेले जा सकते हैं लेकिन अगर कोई एक और आएगा तो उसे देखकर और लोग भी जाएंगे। ऐसे में संक्रमण का खतरा रहेगा। इसलिए बेवजह बाहन न निकलें, घर में ही टहल लें।

#2)क्या कोरोना केवल 50 साल के ऊपरवालों को होता है, युवाओं को नहीं?
ऐसा बिल्कुल नहीं है। असल में 50 साल आते-आते अक्सर लोगों में कई बीमारियां आ जाती हैं, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इसलिए ऐसे लोगों में संक्रमण होने का खतरा ज्यादा रहता है। लेकिन यह लोगों में गलतफहमी है कि कोरोना का संक्रमण युवाओं को नहीं होता। हां, कुछ युवाओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने पर लक्षण नहीं दिखाई देते वे संक्रमित होने के बाद अपने आप ठीक हो जाते हैं। लेकिन उनसे दूसरे लोगों को संक्रमण का खतरा रहता है।

#3)कई लोगों के मन में शक रहता है कि कहीं वे संक्रमित हो नहीं, वे क्या करें?
ऐसा देखा गया है जो लोग आवश्यक सेवाओं में लगे हैं उनके मन में शक रहता है कि कहीं संक्रमित तो नहीं हैं। जो फ्रंटलाइन के कर्मचारी हैं जैसे डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी, पुलिसकर्मी, सफाईकर्मी। उन्हें पता होता है कि खुद का बचाव कैसे करना है। इसलिए अगर वे सरकार के दिशा-निर्देश का पालन करेंगे तो संक्रमण नहीं होगा। अब तक आंकड़ों के मुताबिक, हमारे देश में सावर्जजनिक सेवाओं में लगे लोगों में संक्रमण के मामले बहुत कम है, इसलिए तनाव लेने की जरूरत नहीं है।

#4)सफाई कर्मचारी क्या सावधानी बरतें?
कोई भी इंसान हो, बाहर जाने के लिए सामान्य दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सफाई कर्मचारी जब काम करें तो दस्ताने हाथ में जरूर पहनें। मास्क पहने और सैनेटाइजर साथ में रखें। साफ-सफाई के बाद घर आएं तो पहले बाहर की कपड़े बदल लें। या तुरंत बाथरूम में जाकर नहाएं। साथ ही स्थानीय प्रशासन से सम्पर्क में रहें।

#5)कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट आने में कितना समय लगता है?
जांच रिपोर्ट आना इस बात पर निर्भर करता है कि आप टेस्टिंग लैब से कितनी दूरी पर हैं। जैसे किसी गांव से जांच के लिए नमूना जा रहा है और लैब दूर है तो 2-3 दिन तक लग जाते हैं। लेकिन अगर उसी शहर में या लैब के पास अस्पताल हो उसी तो दिन रिपोर्ट आ जाती है। देश में कई जांच लैब सेंटर बनाए गए हैं। देशभर में 201 सरकारी लैब, 86 प्राइवेट लैब और 300 कलेक्शन सेंटर हैं। इन कलेक्शन सेंटर में टेस्ट के लिए सभी नमूने रखे जाते हैं। यहीं से निर्धारित लैब में जांच के लिए भेजे जाते हैं।

#6)आरोग्य सेतु ऐप के फायदे क्या हैं?

लॉकडाउन के दौरान अगर आप जरूरी काम से बाहर या कार्यालय जाते हैं तो आपको पता नहीं होता कि वहां संक्रमण का खतरा कितना है। ऐसे में जहां आसपास लोग संक्रमित होते हैं यह ऐप आपको अलर्ट करता है। ऐसी स्थिति में क्या करें और क्या न करें, आरोग्य सेतु ऐप यह भी समझाता है। जिन इलाकों में संक्रमण के मामले अधिक हैं उसकी भी जानकारी ऐप देता है। खास बात है कि ब्लूटूथ के माध्यम से कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग में मदद करता है।

#7)कई लोगों में लक्षण दिखाई नहीं दे रहे क्या यह तनाव की बात है?
इसे दो तरह से समझ सकते हैं। पॉजिटिव ढंग से सोचें तो जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है, उनमें कोविड-19 का ज्यादा प्रभाव नहीं हो रहा है। माइल्ड इंफेक्शन के बाद वे ठीक हो जाते हैं। ऐसे 80 फीसदी लोग हैं। 20 फीसदी ऐसे हैं जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से बीमार हो रहे हैं। अगर निगेटिव रूप से देखों तो हम यही सोचते हैं कि हमारे अंदर लक्षण या नहीं, पता नहीं हमे कोविड है या नहीं और तनाव में आ जाएंगे।



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