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भारत आए 14 में से 13 इटेलियन पर्यटक कोरोना मुक्त, मेदांता के डॉक्टरों का दावा- पैरासिटामॉल-क्लोरोक्वीन कांबिनेशन से ठीक किया, गूगल ट्रांसलेंटर की मदद भी ली

हेल्थ डेस्क. इटली से भारत आए 14 में से 13 पर्यटकों को ठीक कर लिया गया है। अब उनकी हालिया जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। सभी पर्यटक गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में 4 मार्च को भर्ती किए गए थे। सोमवार को 14 में से 11 को डिस्चार्ज कर दिया गया है। दो को अभी भी डॉक्टरों की तरफ से क्लीनचिट मिलनी बाकी और एक अन्य पर्यटक की हालत नाजुक है। उसकी उम्र 70 साल है। द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, मेदांता ने इन पर्यटकों को ठीक करने के लिए पैरासिटामॉल, क्लोक्वीन और गूगल ट्रांसलेटर का इस्तेमाल किया है।

कब-कब क्या हुआ

मार्च के पहले हफ्ते में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ नरेश त्रेहान ने आपातकालीन बैठक की। क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ यतिन मेहता और संक्रमण रोगों की विशेषज्ञ डॉ सुशीला कटारिया को इटली से भारत आए पर्यटकों का इलाज करने को कहा गया। डॉ कटारिया और डॉ मेहता ने इलाज की योजना बनाई। योजना में यह बात भी शामिल थी कि उनसे कैसे बात करनी है क्योंकि पर्यटकों की भाषा अलग थी।

पर्यटक अंग्रेजी भाषा नहीं जानते थे

पर्यटकों को पहले हॉस्पिटल के क्वारेंटाइन फ्लोर पर लाया गया और दूसरे स्टाफ से कोई कनेक्शन नहीं रखा गया। डॉक्टरों की एक टीम ने इलाज शुरू किया। इस बीच डब्ल्यूएचओ ने काेविड-19 को महामारी घोषित किया। इसमें ऐसे मरीज थे जिनकी उम्र 65 साल से अधिक थी और अंग्रेजी नहीं जानते थे। इसके लिए गूगल ट्रांसलेटर और वॉटसऐप का सहारा लिया गया।

एंटी वायरल और एंटीबायोटिक से हुआ इलाज

डॉ कटारिया के मुताबिक, पहले सप्ताह में 50 फीसदी पर्यटकों में लक्षण नहीं दिखाई दे रहे थे। धीरे-धीरे लक्षण दिखने शुरू हुए। 14 में से 8 को पैरासिटामॉल, कफ सिरप और विटामिन टेबलेट दी गईं। तीन की हालत बिगड़ रही थी और 3 अन्य तीन गंभीर स्थिति में जा चुके थे। जिन 3 की हालत बिगड़ रही थी उन्हें एंटी वायरलड्रग लोपिनविर, एंटीबायोटिक एरिथ्रोमायसिन और एंटी-मलेरियल ड्रग क्लोरोक्वीन दी गईं। 3 अधिक मरीज को एक्टेमेरा ड्रग दी गई।

आर्थराइटिस के मरीजों की दवा भी इस्तेमाल हुई

एक्टेमेरा ड्रग रुमेटॉयड आर्थराइटिस के मरीजों को दी जाती है। यह जोड़ों में सूजन को दूर करने का काम करती है। चीन में एक रिसर्च के दौरान कोरोना के 95 फीसदी अति गंभीर मरीजों को इस दवा ठीक किया गया है। पर्यटकों का इलाज शुरू करने से पहले उनकी फैमिली से अनुमति ली गई और इटेलियन एम्बेसी को इलाज से जुड़ी हर अपडेट समय-समय पर भेजी गईं।

20 विशेषज्ञों की टीम ने काम किया

डॉ कटारिया के मुताबिक, जो मरीज जांच में निगेटिव पाए गए उनसे भी सोशल डिस्टेंसिंग और बार-बार हाथ धोने की बात कही गई। इसका पालन भी किया गया। हॉस्पिटल में मौजूद तीन से दो पर्यटकों को इसी हफ्ते डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। पर्यटकों के इलाज में 20 विशेषज्ञ डॉक्टर्स और नर्स शामिल थीं। इनकी 6-6 घंटे की शिफ्ट होती थी। लम्बे समय तक काम करने से विशेषज्ञों की इम्युनिटी गिर रही थी। इसलिए उन्हें शिफ्ट खत्म होते ही आराम करने और हेल्दी डाइट लेने की सलाह दी जा रही थी।



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